Tuesday, 14 June 2016
A 24 year old boy seeing out from the train’s window shouted… “Dad, look the trees are going behind!” Dad smiled and a young couple sitting nearby, looked at the 24 year old’s childish behavior with pity, suddenly he again exclaimed… “Dad, look the clouds are running with us!” The couple couldn’t resist and said to the old man… “Why don’t you take your son to a good doctor?”The old man smiled and said…“I did and we are just coming from the hospital, my son was blind from birth, he just got his eyes today. Every single person on the planet has a story. Don’t judge people before you truly know them. The truth might surprise you.
Thursday, 26 May 2016
Thursday, 25 June 2015
Sunday, 29 March 2015
जिंदिगी में सफल होने के लिए खुद पे भरोसा रखना परता है, ऑरों से इस भीर में खुद को अलग रखना परता है, अगर होसले मजबूत हो तो दोस्तों बरे से बरा तूफान भी हमें नहीं हिला सकता है मेरे प्यारे दोस्तों पहले खुद में बिसबास तो रक् के देखो मंजिल तुजे सामने नजर आजेगी. बरना तुम सामने से निकल जाओगे और तुमे पता भी नहीं चलेगा. और बाद में सिर्फ और सिर्फ तुम और तुम्हारी अफशोस भरी जिंदिगी रहे जाएगी... आपका अपना दोस्त विशाल
Sunday, 18 January 2015
आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल सक्सेस इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपनी बातों से किस प्रकार दूसरों को इंप्रेस कर पाते हैं. यह एक कला है और आपके करियर की सक्सेस में इसका बेहद अहम रोल है. अच्छे प्रेजेंटेशन स्किल्स के जरिए आप करियर में काफी आगे बढ़ सकते हैं. इन टिप्स को ध्यान में रखकर आप अपने प्रेजेंटेशन स्किल्स को इंप्रूव कर सकते हैं. (1) अपनी बात रखने के लिए स्ट्रांग तथ्यों को चुनें: बोलने की कला का प्रेजेंटेशन में बेहद खास महत्व है. लेकिन सिर्फ कुछ भी बोलकर अपनी बात दूसरों को नहीं समझा सकते हैं. इसलिए आपके पास अपनी बात को साबित करने के लिए जरूरी तथ्य भी होने चाहिए. जो आपके प्वाइंट्स का मजबूती से समर्थन करते हों. इस तरह के कम्यूनिकेशन से आप सामने वाली पार्टी का विश्वास जीतने में सफल हो सकते हैं. (2) विषय को समझें: याद रखें कि एक बेहतर प्रेजेंटेशन के मुख्य रूप से दो पक्ष होते हैं- अच्छे तरीके से लिखा गया कन्टेंट और उसे बोलने का प्रभावशाली तरीका. इनके अलावा भी कई तरीके हो सकते हैं प्रेजेंटेशन में सुधार के. (3) ग्राफिक्स के माध्यम से समझाएं अपनी बात: आपको कम समय में अपनी बात समझानी है तो ग्राफिक्स से अच्छा तरीका नहीं है. आप अपने विषय को पीपीटी या ग्राफिक्स के माध्यम से तैयार कर लें. एक कहावत तो आपने सुनी होगी कि जो दिखता है वो बिकता है. इसलिए प्रेजेंटेशन में जो कुछ समझाना चाहते हैं इसे ग्राफिक्स के माध्यम से जरूर समझाएं. इसके लिए पीपीटी प्रेजेंटेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं. (4) मेजिक शब्दों का करें इस्तेमाल: प्रेजेंटेशन देने से पहले जरूरी है कि आप इस बात को समझ लें कि शब्दों का लोगों पर जादू से भी ज्यादा असर होता है. इसका मतलब यह नहीं कि आप प्लीज जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें. ऐसे शब्दों को चुनें जिससे सामने वाला आपसे जुड़ाव महसूस करें. दरअसल प्रेजेंटेशन में आपको सुनने वाले को जो अपेक्षाएं होती है उसमें आपको खरा उतरना होता है. इसलिए आपको उसी शैली में उन्हें अपनी बात समझानी होगी. बिना किसी हल्के हंसी मजाक के अपनी बात समझाकर आप कभी भी सामने वाले को इंप्रेस नहीं कर सकते हैं. (5) नर्वस होने से बचें: अगर आप प्रेजेंटेशन के दौरान एक बार नर्वस हो गए तो इसका असर आपकी बॉडी लैंग्वेज पर पड़ेगा. एक बार लय टूट गई तो फिर आप विषय से भटक सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि आपको कंटेंट की बारीकी से जानकारी हो. प्रेजेंटेशन से पहले आप अभ्यास करें और खुद में आत्मविश्वास बढ़ाएं. अगर आपने इन रुकावटों पर काबू पा लिया तो आपके प्रोजेक्ट को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.
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